June 2016 Yogini Ekadashi Vrat Date and time

Ekadashi Tithi Start Time is = 05:58 on 30/Jun/2016 ! 

Ekadashi Tithi Ends Time is  = 03:14 on 1/Jul/2016 !


समस्त पापों को नाश करती है योगिनी एकादशी :- 

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत ही महत्व मन गया हैं हिन्दू धर्म में कहा गया हैं की योगिनी एकादशी व्रत कथा आपके समस्त पाप का नाश करती है 

हिंदू धर्म के अनुसार योगिनी एकादशी का व्रत आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को किया जाता है योगिनी एकादशी के दिन व्रत करने के बाद श्री भगवान नारायण जी की मूर्ति को अच्छे से स्नान करवाने के बाद भोग लगाया जाता हैं और फिर इसके बाद फुल, धूप - दीप ले साथ आरती उतारनी चाहिए. और गरीब ब्राह्माणों को सच्चे मन से दान देना कल्याणकारी होता है. इस दिन पीपल के पेड की पूजा अरचना करने से इंसान के सभी पाप नष्ट हो जाते  है. और व्रत करने वाले को को अंत में स्वर्ग लोक की प्राप्ति होती है. 

योगिनी एकादशी व्रत का फल  :-

आषाढ मास मैं कृ्ष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता  है. इस व्रत को करने से इंसान के सभी पाप नष्ट हो जाते है और इस लोक में तथा परलोक में व्यक्ति को मुक्ति प्राप्त होती है. इस एकादशी का महत्व तीनों लोकों में प्रसिद्ध है.योगिनी एकादशी व्रत करने से पहले की रात्रि में ही व्रत एक नियम शुरु हो जाते है. दशमी तिथि की रात्रि में ही व्यक्ति को जौं, गेहूं और मूंग की दाल जैसे तामसिक प्रकृ्ति के भोजन नहीं ग्रहण करने चाहिए.इसके साथ-२ व्रत वाले दिन नमक युक्त भोजन नहीं किया जाता है. क्योकि दशमी की रात्रि से ही नमक का सेवन नहीं करना चाहिए. क्योकि योगिनी एकादशी का व्रत व्रत दशमी की रात्रि से प्रारंभ होकर द्वादशी के प्रात:काल में दान कार्यो के बाद ही समाप्त मन जाता है. एकादशी तिथि के दिन प्रात: स्नान आदि कार्यो के बाद, व्रत का संकल्प लिया जाता है. स्नान करने के लिये मिट्टी का प्रयोग करना शुभ रहता है. इसके अतिरिक्त स्नान के लिये तिल के लेप का प्रयोग भी किया जा सकता है. स्नान करने के बाद कुम्भ स्थापना की जाती है, कुम्भ के ऊपर श्री विष्णु जी कि प्रतिमा रख कर पूजा की जाती है. और धूप, दीप से पूजन किया जाता है. व्रत की रात्रि में जागरण करना चाहिए.

योगिनी एकादशी की व्रत कथा आपको एक बार जरूर पढ़नी चाहिए

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